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अरà¥à¤¥à¤°à¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸ के कारण, लकà¥à¤·à¤£ और घरेलू उपचार : Home remedies for Arthritis
गठिया(Gout) यूरिक à¤à¤¸à¤¿à¤¡ बढ़ने के कारण होने वाली à¤à¤¸à¥€ बीमारी है जो à¤à¤• पà¥à¤°à¤•ार के अरà¥à¤¥à¤°à¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸ होने का कारण होता है, इसे गाउटी अरà¥à¤¥à¤°à¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸ à¤à¥€ कहा जाता है। गठिया में यूरिक à¤à¤¸à¤¿à¤¡ के कà¥à¤°à¤¿à¤¸à¥à¤Ÿà¥à¤²à¥à¤¸ जोड़ो में जमा हो जाते है, यह समसà¥à¤¯à¤¾ तब होती है जब शरीर में सामानà¥à¤¯ से अधिक यूरिक à¤à¤¸à¤¿à¤¡ बनाने लगता है। गठिया की शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤ सबसे पहले पैर से होती है, आमतौर पर ये पैर के अंगूठे के जोड़ों (Metatarsal–phalangeal joint) से शà¥à¤°à¥ होता है और इसमें बहà¥à¤¤ दरà¥à¤¦ होता है तब इसे पोडेगà¥à¤°à¤¾ à¤à¥€ कहते है। कà¥à¤› समय के बाद यूरिक à¤à¤¸à¤¿à¤¡ के कà¥à¤°à¤¿à¤¸à¥à¤Ÿà¤²à¥à¤¸ शरीर के दूसरे जोड़ो तक à¤à¥€ फैल जाते है और यह दरà¥à¤¦ बढ़ता हà¥à¤† कोहनी, घà¥à¤Ÿà¤¨à¥‡, हाथों की अंगà¥à¤²à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ के जोड़ों और टिशॠतक पहà¥à¤à¤š जाता है।
अरà¥à¤¥à¤°à¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸ कà¥à¤¯à¤¾ होता है? (What is Arthritis?)
आयà¥à¤°à¥à¤µà¥‡à¤¦ में गठिया (Gout) को वातरकà¥à¤¤ कहा गया है। अत: यह वात और रकà¥à¤¤ के दूषित होने से संबंधित रोग है। अनà¥à¤šà¤¿à¤¤ आहार-विहार के सेवन से रकà¥à¤¤ दूषित होकर वात के सामानà¥à¤¯ मारà¥à¤— के लिठशरीर में बाधा उतà¥à¤ªà¤¨à¥à¤¨ करता है तथा फिर वायॠऔर रकà¥à¤¤ दूषित होकर समà¥à¤ªà¥‚रà¥à¤£ शरीर में पà¥à¤°à¤µà¤¾à¤¹à¤¿à¤¤ होकर विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ जैसे पीड़ा, जलन, लालिमा आदि लकà¥à¤·à¤£ महसूस होने लगते हैं। गठिया कम उमà¥à¤° के लोगों में सामानà¥à¤¯à¤¤à¤ƒ नहीं पाया जाता है। यह अधिकतर 30 से 50 वरà¥à¤· की उमà¥à¤° में अपना असर दिखाता है। इसमें à¤à¥€ खासतौर पर यह 40 वरà¥à¤· के बाद होता है तथा महिलाओं की तà¥à¤²à¤¨à¤¾ में पà¥à¤°à¥à¤·à¥‹à¤‚ को जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ होता है।
अकà¥à¤¸à¤° जोड़ों के दरà¥à¤¦ और गठिया को à¤à¤• ही रोग मान लिया जाता है, लेकिन सच तो यह होता है कि दोनों में अंतर हैं। जोड़ो में दरà¥à¤¦ होना सामानà¥à¤¯ Arthritis कहलाता है, यह जोड़ो में होने वाली à¤à¤• सूजनकारी बीमारी है जिसमें जोड़ों में अतà¥à¤¯à¤§à¤¿à¤• दरà¥à¤¦ à¤à¤µà¤‚ जोड़ों को घà¥à¤®à¤¾à¤¨à¥‡, मोड़ने और कोई à¤à¥€ गतिविधि करने में परेशानी होती है। जबकि गठिया सामानà¥à¤¯ जोड़ों के दरà¥à¤¦ से अलग à¤à¤• सà¥à¤µà¤¤à¤‚तà¥à¤° रोग होता है जिसे गाउट कहा जाता है। गठिया में मà¥à¤–à¥à¤¯ रूप से शरीर की छोटी संधियाठपà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ होती है और उसकी शà¥à¤°à¥‚आत पैर के अंगूठे में दरà¥à¤¦ और सूजन के साथ होती है। सामानà¥à¤¯ जोड़ो के दरà¥à¤¦ में बà¥à¤–ार होना आवशà¥à¤¯à¤• नहीं है परंतॠगठिया (Gout) रोग की शà¥à¤°à¥‚आत में दरà¥à¤¦ और सूजन के साथ बà¥à¤–ार à¤à¥€ होता है।
 अरà¥à¤¥à¤°à¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸ कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ होता है? (Causes of Arthritis)
अरà¥à¤¥à¤°à¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸ होने के पीछे जीवनशैली और आहार की बहà¥à¤¤ बड़ी à¤à¥‚मिका होती है। गठिया का मà¥à¤–à¥à¤¯ कारण अनà¥à¤šà¤¿à¤¤ आहार होता है। जैसे अधिक मातà¥à¤°à¤¾ में मांस, मछली, अतà¥à¤¯à¤§à¤¿à¤• मसालेदार à¤à¥‹à¤œà¤¨ शराब और फà¥à¤°à¥‚कà¥à¤Ÿà¥‹à¤œ यà¥à¤•à¥à¤¤ पेय पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ का सेवन। इसके अलावा हमारे शरीर में आई चयापचय (Metabolism) में खराबी के कारण और मोटापा के कारण à¤à¥€ अरà¥à¤¥à¤°à¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸ होता है।
कई बार अनà¥à¤¯ रोगों की वजह से à¤à¥€ अरà¥à¤¥à¤°à¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸ होता है जैसे-
-गà¥à¤°à¥à¤¦à¥‡ से संबंधित बीमारी
-मेटाबॉलिक सिंडà¥à¤°à¥‹à¤® (Metabolic syndrome)
-पॉलिसिथेमिया (Polycythemia)
-मूतà¥à¤°à¤µà¤°à¥à¤§à¤• दवाइयों के सेवन से जैसे-हाइडà¥à¤°à¥‹à¤•à¥à¤²à¥‹à¤°à¤¥à¤¿à¤¯à¤¾à¤¡à¤¾à¤‡à¤¡(Hydrochlorthiadide) के सेवन से à¤à¥€ अरà¥à¤¥à¤°à¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸ रोग हो सकता है।
यह रोग रकà¥à¤¤ में यूरिक à¤à¤¸à¤¿à¤¡ की मातà¥à¤°à¤¾ बढ़ जाने के कारण होता है। यूरिक à¤à¤¸à¤¿à¤¡ की बढ़ी हà¥à¤ˆ मातà¥à¤°à¤¾ कà¥à¤°à¤¿à¤¸à¥à¤Ÿà¤² के रूप में जोड़ों, कंडरा (Tendons) तथा आस-पास के ऊतकों (टिशà¥) में जमा हो जाता है। यह रोग पाचन कà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ से संबंधित होता है। इसका संबंध खून में यूरिक à¤à¤¸à¤¿à¤¡ का अतà¥à¤¯à¤§à¤¿à¤• उचà¥à¤š मातà¥à¤°à¤¾ में पाठजाने से होता है। इसके कारण जोड़ों (मà¥à¤–à¥à¤¯à¤¤ पैर का अंगूठा) में तथा कà¤à¥€ गà¥à¤°à¥à¤¦à¥‡ में à¤à¥€ à¤à¤¾à¤°à¥€ मातà¥à¤°à¤¾ में कà¥à¤°à¤¿à¤¸à¥à¤Ÿà¤²à¥à¤¸ जमा हो जाते हैं।
यूरिक à¤à¤¸à¤¿à¤¡ मूतà¥à¤° की खराबी से उतà¥à¤ªà¤¨à¥à¤¨ होता है और यह पà¥à¤°à¤¾à¤¯: गà¥à¤°à¥à¤¦à¥‡ या किडनी से बाहर आता है। जब कà¤à¥€ गà¥à¤°à¥à¤¦à¥‡ से मूतà¥à¤° कम आना अथवा मूतà¥à¤° अधिक बनने से सामानà¥à¤¯ सà¥à¤¤à¤° à¤à¤‚ग होता है तो यूरिक à¤à¤¸à¤¿à¤¡ के कà¥à¤°à¤¿à¤¸à¥à¤Ÿà¤² à¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨-à¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ जोड़ों की जगह पर जमा हो जाते हैं। हमारी रकà¥à¤·à¤¾à¤¤à¥à¤®à¤• कोशिकाà¤à¤ इन कà¥à¤°à¤¿à¤¸à¥à¤Ÿà¤² को गà¥à¤°à¤¹à¤£ कर लेती है जिसके कारण जोड़ों वाली जगहों पर दरà¥à¤¦ देने वाले पदारà¥à¤¥ निकलने लगते हैं।
पà¥à¤¯à¥‚रिन के चयापचय या मेटाबॉलिजà¥à¤® में आई खराबी गठिया का मूल कारण होता है। यूरिक à¤à¤¸à¤¿à¤¡, पà¥à¤¯à¥‚रिन के चयापचय का उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦ के रूप में गठिया रोग का होना होता है। 90 पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¶à¤¤ रोगियों में गà¥à¤°à¥à¤¦à¥‡ यूरिक à¤à¤¸à¤¿à¤¡ का परà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ उतà¥à¤¸à¤°à¥à¤œà¤¨ नहीं कर पाते हैं। 10 पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¶à¤¤ से कम रोगियों में जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ यूरिक à¤à¤¸à¤¿à¤¡ बनता है। यदि यूरिक à¤à¤¸à¤¿à¤¡ 7,8 या 9 mg/dl हो तो गाउट होने का खतरा 0.5 पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¶à¤¤ और 9 mg/dl से अधिक हो तो जोखिम 4.5 पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¶à¤¤ रहता है। यूरिक à¤à¤¸à¤¿à¤¡ का सामानà¥à¤¯ सà¥à¤¤à¤° पà¥à¤°à¥à¤· में 7 और सà¥à¤¤à¥à¤°à¥€ में 6 mg/dl होता है।
अरà¥à¤¥à¤°à¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸ के लकà¥à¤·à¤£ (Symptoms of Arthritis)
symptoms of arthritis
अरà¥à¤¥à¤°à¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸ होने पर दरà¥à¤¦ होने के अलावा और कà¥à¤¯à¤¾-कà¥à¤¯à¤¾ लकà¥à¤·à¤£ होते हैं यह जानना à¤à¥€ ज़रूरी होता है ताकि रोग की सही समय पर और सही पहचान हो सके।
-पैर के अंगूठे में लालिमा लिठहà¥à¤ सूजन à¤à¤µà¤‚ दरà¥à¤¦ होना।
-शरीर के अनà¥à¤¯ जोड़ों में तेज दरà¥à¤¦ होता है।
-रोगी को दरà¥à¤¦ के साथ बà¥à¤–ार à¤à¥€ रहता है।
-जोड़ो में दरà¥à¤¦, जकड़न और सूजन के साथ रोगी को चलने-फिरने और हिलने डà¥à¤²à¤¨à¥‡ में à¤à¥€ तकलीफ होने लगती है।
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अरà¥à¤¥à¤°à¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸ से बचने के उपाय (Prevention Tips of Arthritis)
अरà¥à¤¥à¤°à¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸ से बचने के लिठसबसे पहले जीवनशैली और आहार में बदलाव लाने की ज़रूरत होती है।
आहार-
-यूरिक à¤à¤¸à¤¿à¤¡ बढ़ने पर रोगी को उचित मातà¥à¤°à¤¾ में पानी पीना चाहिà¤à¥¤ पानी यूरिक à¤à¤¸à¤¿à¤¡ को पतला कर किडनी को उतà¥à¤¤à¥‡à¤œà¤¿à¤¤ करता है जिससे शरीर से यूरिक à¤à¤¸à¤¿à¤¡ मूतà¥à¤° के माधà¥à¤¯à¤® से बाहर निकल जाता है।
-à¤à¥‹à¤œà¤¨ बनाने के लिठजैतून के तेल का इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² करें। यह शरीर के लिठलाà¤à¤¦à¤¾à¤¯à¤• होता है तथा इसमें विटामिन-ई की à¤à¤°à¤ªà¥‚र मातà¥à¤°à¤¾ होती है जो यूरिक à¤à¤¸à¤¿à¤¡ के सà¥à¤¤à¤° को कम करता है।
-बà¥à¤²à¥ˆà¤• बेरी और चेरी का जूस यूरिक à¤à¤¸à¤¿à¤¡ के सà¥à¤¤à¤° को कम कर जोड़ो और किडनी से कà¥à¤°à¤¿à¤¸à¥à¤Ÿà¤² को दूर करने में मदद करता है। इसमें à¤à¤‚टी ऑकà¥à¤¸à¤¿à¤¡à¥‡à¤‚ट और à¤à¤‚टी इंफà¥à¤²à¥ˆà¤®à¤Ÿà¥‹à¤°à¥€ गà¥à¤£ होते हैं जो गठिया रोग में लाà¤à¤¦à¤¾à¤¯à¤• होता है।
-पपीते के फल का सेवन करे इसमें मौजूद पैपीन à¤à¤‚जाइम जोड़ों मे आई सूजन को दूर करता है तथा यूरिक à¤à¤¸à¤¿à¤¡ को शरीर से बाहर निकालने में मदद करता है।
-अनानास खाà¤à¤‚, इसमें मौजूद à¤à¤‚जाइम बà¥à¤°à¥‹à¤®à¥€à¤²à¥‡à¤¨ में सूजनरोधी गà¥à¤£ होते हैं साथ ही यह यूरिक à¤à¤¸à¤¿à¤¡ के कà¥à¤°à¤¿à¤¸à¥à¤Ÿà¤²à¥à¤¸ को तोड़ने में मदद करता है।
-फाइबर यà¥à¤•à¥à¤¤ पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ का सेवन करें जैसे; बà¥à¤°à¥‹à¤•à¥à¤²à¥€, मकà¥à¤•ा आदि।
-सà¥à¤¬à¤¹ नाशà¥à¤¤à¥‡ में लौकी के जूस का सेवन करें।
–गाजर और चà¥à¤•ंदर का जूस पिà¤à¤, यह यूरिक à¤à¤¸à¤¿à¤¡ को कम करता है।
-ताजे फलों à¤à¤µà¤‚ सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ का सेवन करें।
-सà¥à¤ªà¤¾à¤šà¥à¤¯ à¤à¤µà¤‚ हलà¥à¤•ा आहार गà¥à¤°à¤¹à¤£ करें।
-मांसाहार à¤à¥‹à¤œà¤¨ à¤à¤µà¤‚ अणà¥à¤¡à¤¾ आदि बिलà¥à¤•à¥à¤² नहीं खाना चाहिà¤à¥¤
-शराब का सेवन नहीं करना चाहिà¤à¥¤
-दूध à¤à¤µà¤‚ दाल का सेवन न करें, यदि दाल का सेवन करना हो तो छिलके वाली दाल का सेवन करें।
–दही, चावल, अचार, सूखे मेवे, दाल, पालक, जंक फूड, कोलà¥à¤¡ डà¥à¤°à¤¿à¤‚क। इन सब का सेवन न करें। ये सब चीजें यूरिक à¤à¤¸à¤¿à¤¡ की समसà¥à¤¯à¤¾ को बढ़ाती हैं।
-बेकरी पà¥à¤°à¥‹à¤¡à¤•à¥à¤Ÿà¥à¤¸ का सेवन न करें कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि इनमें टà¥à¤°à¤¾à¤‚स फैट होता है और टà¥à¤°à¤¾à¤‚स फैट से à¤à¤°à¤ªà¥‚र खाना यूरिक à¤à¤¸à¤¿à¤¡ बढ़ाने में जिमà¥à¤®à¥‡à¤¦à¤¾à¤° होता है, इसलिठबेकरी के उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦ जैसे; पेसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥€, कूकिज़ बिलà¥à¤•à¥à¤² न खाà¤à¤à¥¤
जीवनशैली
-रोज सà¥à¤¬à¤¹ पà¥à¤°à¤¾à¤£à¤¾à¤¯à¤¾à¤® करने से लाठमिलता है।
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अरà¥à¤¥à¤°à¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸ का घरेलू उपचार (Home remedies for Arthritis)
गठिया के उपचार हेतॠà¤à¤²à¥‹à¤ªà¥ˆà¤¥ में जिन दवाइयों का पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤— किया है वह à¤à¤• समय के बाद शरीर पर विपरीत पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ डालती है तथा वह साइड इफेकà¥à¤Ÿà¥à¤¸ से यà¥à¤•à¥à¤¤ होती है। इनके सेवन के बाद à¤à¥€ फिर से गठिया होने की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ बनी रहती है। वहीं आयà¥à¤°à¥à¤µà¥‡à¤¦à¤¿à¤• उपचार की पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ में दोषों को संतà¥à¤²à¤¿à¤¤ किया जाता है, जिसमें बढ़े हà¥à¤ दोषों को घटाकर और हीन दोषों को बढ़ा कर रोग को मूल से समापà¥à¤¤ किया जाता है तथा पà¥à¤°à¤¾à¤•ृतिक चिकितà¥à¤¸à¤¾ होने से इसके कोई दà¥à¤·à¥à¤ªà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ à¤à¥€ नहीं होते हैं।
वैसे तो अरà¥à¤¥à¤°à¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸ से निजात पाने के लिठसबसे पहले घरेलू नà¥à¤¸à¥à¤–़ों को ही अपनाया जाता है। यहां हम पतंजली के विशेषजà¥à¤žà¥‹à¤‚ दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ पारित कà¥à¤› à¤à¤¸à¥‡ घरेलू उपायों के बारे में बात करेंगे जिनके सेवन से अरà¥à¤¥à¤°à¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸ के दरà¥à¤¦ से राहत पाया जा सकता है-
लहसà¥à¤¨ से अरà¥à¤¥à¤°à¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸ के दरà¥à¤¦ से मिलती है राहत (Garlic Benefits to Get Relief from Arthritis in Hindi)
Garlic for arthritis
लहसà¥à¤¨ की दो से तीन कलियों को नियमित रूप से गरà¥à¤® पानी के साथ सेवन करें। यह गठिया रोग को जड़ से खतà¥à¤® करने में मदद करता है।
मेथी से अरà¥à¤¥à¤°à¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸ के दरà¥à¤¦ से मिलती है राहत (Fenugreek Benefits to Get Relief from Arthritis in Hindi)
-à¤à¤• चमà¥à¤®à¤š मेथी के बीज लेकर रात में लगà¤à¤— आधे गिलास पानी में à¤à¤¿à¤—ा कर रख दें। सà¥à¤¬à¤¹ उठकर इस पानी को पिà¤à¤ और बीजों को चबाकर खा लें। यह जोड़ों में आई सूजन को कम करती है।
-मेथी, हलà¥à¤¦à¥€ तथा सोंठको बराबर मातà¥à¤°à¤¾ में लेकर उसका पाउड़र बना लें सà¥à¤¬à¤¹-शाम 1-1 चमà¥à¤®à¤š पाउड़र को गà¥à¤¨à¤—à¥à¤¨à¥‡ पानी या दूध के साथ सेवन करें। इसका पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤— करने से ज़ोड़ों के दरà¥à¤¦ à¤à¤µà¤‚ सूजन में लाठमिलता है।
-मेथी को अंकà¥à¤°à¤¿à¤¤ करके पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¦à¤¿à¤¨ सेवन करने से ज़ोड़ों के दरà¥à¤¦ में लाठमिलता है।
अजवाइन से अरà¥à¤¥à¤°à¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸ के दरà¥à¤¦ से मिलती है राहत (Ajwain Benefits to Get Relief from Arthritis in Hindi)
à¤à¤• गिलास पानी में आधा चमà¥à¤®à¤š अजवायन और à¤à¤• टà¥à¤•ड़ा अदरक डालकर उबालें। अब इसे आधे गिलास की मातà¥à¤°à¤¾ में सà¥à¤¬à¤¹-शाम दिन में दो बार पिà¤à¤à¥¤ इस योग के सेवन से पसीना आता है जो शरीर से यूरिक à¤à¤¸à¤¿à¤¡ को बाहर निकालने में मदद मिलती है।
कैसà¥à¤Ÿà¤° ऑयल से अरà¥à¤¥à¤°à¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸ के दरà¥à¤¦ से मिलती है राहत (Castor Oil Help to Get Relief from Arthritis in Hindi)
अरंडी तेल को हलà¥à¤•ा गà¥à¤¨à¤—à¥à¤¨à¤¾ करके इससे गठिया से पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤°à¥‹à¤‚ में हलà¥à¤•े हाथों से मालिश करें या फिर किसी रूई के फाहे को इस तेल में डà¥à¤¬à¤¾ कर पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° पर रखें। इससे दरà¥à¤¦ और लालिमा से राहत मिलती है।
धनिया से अरà¥à¤¥à¤°à¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸ के दरà¥à¤¦ से मिलती है राहत (Dhania Help to Get Relief from Arthritis in Hindi)
आधा चमà¥à¤®à¤š धनिया के बीज को पीस कर à¤à¤• गिलास गà¥à¤¨à¤—à¥à¤¨à¥‡ पानी में मिला कर पिà¤à¤, साथ ही अपने à¤à¥‹à¤œà¤¨ में धनिया के बीजों का इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² करें। धनिया में अचà¥à¤›à¥€ मातà¥à¤°à¤¾ में à¤à¤‚टीऑकà¥à¤¸à¤¿à¤¡à¥‡à¤‚ट होते हैं जो पाचन तंतà¥à¤° को बेहतर कर यूरिक à¤à¤¸à¤¿à¤¡ के सà¥à¤¤à¤° को कम करते हैं।
हलà¥à¤¦à¥€ दूध के सेवन से अरà¥à¤¥à¤°à¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸ के दरà¥à¤¦ से मिलती है राहत (Haldi Dhoodh to Get Relief from Arthritis in Hindi)
haldi dhoodh for arthritis
à¤à¤• कप दूध में à¤à¤• चà¥à¤Ÿà¤•ी हलà¥à¤¦à¥€ मिलाकर सेवन करें। हलà¥à¤¦à¥€ में सूजन पैदा करने वाली पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾à¤“ं को रोकने की कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ होती है, साथ ही यह जैकà¥à¤¥à¤¿à¤¨ ऑकà¥à¤¸à¤¿à¤¡à¤¾à¤‡à¤œà¤¼ (Xanthine oxidase) की पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ को कम करता है। जैकà¥à¤¥à¤¿à¤¨ ऑकà¥à¤¸à¤¿à¤¡à¤¾à¤‡à¤œà¤¼ à¤à¤• तरह का à¤à¤‚जाइम होता है जो यूरिक à¤à¤¸à¤¿à¤¡ का निरà¥à¤®à¤¾à¤£ करता है।
चेरी का सेवन से अरà¥à¤¥à¤°à¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸ के दरà¥à¤¦ से मिलती है राहत (Cherry to Get Relief from Arthritis in Hindi)
गठिया के रोगी को पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¦à¤¿à¤¨ लगà¤à¤— à¤à¤• कप चेरी का सेवन करना चाहिà¤à¥¤ हाल ही में हà¥à¤ à¤à¤• शोथ के मà¥à¤¤à¤¾à¤¬à¤¿à¤• जो लोग नियमित रूप से चेरी का सेवन करते हैं उनमें गठिया होने का खतरा 35 पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¶à¤¤ तक कम होता है।
डॉकà¥à¤Ÿà¤° के पास कब जाना चाहिठ? (When to See a Doctor?)
गठिया की शà¥à¤°à¥‚आत यूरिक à¤à¤¸à¤¿à¤¡ के शरीर में सामानà¥à¤¯ सà¥à¤¤à¤° से अधिक बढ़ने से होती है तथा इलाज न करने में यह समसà¥à¤¯à¤¾ शरीर के सà¤à¥€ जोड़ो पर अपना असर दिखाती है। जोड़ों में दरà¥à¤¦ होने पर जोड़ो में गाà¤à¤ की शिकायत होने पर और अंगà¥à¤²à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में सूजन आना यूरिक à¤à¤¸à¤¿à¤¡ बढ़ने के लकà¥à¤·à¤£ है à¤à¤¸à¥‡ में डॉकà¥à¤Ÿà¤° से समà¥à¤ªà¤°à¥à¤• करना चाहिà¤à¥¤
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